छत्तीसगढ़
IMD की भारी बारिश चेतावनी के बाद मुंगेली प्रशासन अलर्ट
Shantanu Roy
18 July 2026 8:54 PM IST

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छग
Mungeli. मुंगेली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान जिले में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुंदन कुमार ने आपदा पूर्व तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत आपातकालीन आदेश जारी करते हुए जिले के सभी संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर ने कहा कि लगातार बारिश की स्थिति में जिले की प्रमुख नदियों मनियारी और शिवनाथ नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा राजीव गांधी जलाशय (खुड़िया बांध) में भी भारी जल आवक की संभावना को देखते हुए विशेष निगरानी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति से पहले ही तैयारी पूरी कर ली जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश
भारी बारिश की चेतावनी के बाद कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर नियंत्रण कक्ष तत्काल सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। इन कंट्रोल रूम के माध्यम से बारिश, जलभराव, बाढ़ की स्थिति और अन्य आपात घटनाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सतर्क किया जाए। इसके लिए ग्राम कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जाएगी। प्रशासन ने विशेष रूप से ऐसे गांवों की पहचान करने को कहा है जहां बाढ़ या जलभराव का खतरा अधिक रहता है।
खुड़िया बांध और नदियों की हर घंटे होगी निगरानी
जल संसाधन विभाग को राजीव गांधी जलाशय (खुड़िया बांध) के जलस्तर की हर घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बांध से पानी छोड़ने जैसी स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सूचना देना अनिवार्य होगा। कलेक्टर ने कहा कि मनियारी नदी में किसी भी आपातकालीन जल निकासी से पहले प्रभावित क्षेत्रों को कम से कम तीन घंटे पहले सूचना दी जाए। बिना जिला दंडाधिकारी की लिखित अनुमति के अचानक पानी छोड़ने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नदी किनारे रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और संभावित नुकसान को कम करना है।
पुल-पुलियों और रपटों पर जीरो क्रॉसिंग नीति लागू
भारी बारिश के दौरान नदी-नालों में पानी बढ़ने से कई बार पुल, रपट और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और यातायात पुलिस को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। कलेक्टर ने सभी रपटों, कॉजवे और संवेदनशील स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि जलमग्न पुल, सड़क या रपट से किसी भी वाहन या पैदल व्यक्ति को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को दवाओं और मेडिकल टीम तैयार रखने के निर्देश
संभावित बाढ़ और बारिश से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से सर्पदंश रोधी विष (एंटी वेनम), क्लोरीन टैबलेट और अन्य जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है। इसके साथ ही रैपिड रिस्पांस मेडिकल टीमों और एंबुलेंस सेवाओं को 24 घंटे स्टैंडबाय रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सांप काटने, दूषित पानी से होने वाली बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा।
नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
बारिश के दौरान शहरों में जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर पालिका और जनपद पंचायतों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में हाई कैपेसिटी डी-वॉटरिंग पंप लगाने और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बाजार क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में जल निकासी मार्गों से सभी प्रकार के अवरोध हटाए जाएं, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके।
अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टी रद्द
भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिले में आवश्यक सेवाओं से जुड़े सभी विभागों के वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। बिना पूर्व अनुमति के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को जिला मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि आपदा की स्थिति में तत्काल निर्णय और कार्रवाई के लिए अधिकारियों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
जनता के लिए प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
कलेक्टर कुंदन कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नदी, नाले, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें। बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है।
संयुक्त राजस्व-पुलिस गश्ती दल तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले में संयुक्त राजस्व-पुलिस गश्ती दल बनाए गए हैं। इन दलों का काम संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखना और लोगों को सुरक्षित रखना होगा। लोरमी क्षेत्र में एसडीएम और एसडीओपी को खुड़िया बांध और मनियारी नदी क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। मुंगेली क्षेत्र में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी नगरीय क्षेत्रों तथा प्रमुख रपटों की निगरानी करेंगे। वहीं पथरिया क्षेत्र में अधिकारियों को शिवनाथ नदी तट और बेमेतरा सीमा क्षेत्र में लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली विभाग और सड़क विभाग भी अलर्ट
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी को निर्देश दिए हैं कि जलभराव वाले क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद की जाए। टूटे तारों और गिरे बिजली पोलों की तत्काल मरम्मत करने को कहा गया है। अस्पतालों और कंट्रोल रूम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, वन विभाग और एटीआर टीम को संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। यदि बारिश के कारण सड़क बंद होती है तो तत्काल यातायात बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुधन सुरक्षा पर भी प्रशासन की नजर
बारिश और बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा के लिए पशुधन विकास विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं। नदी किनारे रहने वाले क्षेत्रों से मवेशियों को सुरक्षित स्थानों और गौठानों में पहुंचाने की योजना तैयार करने को कहा गया है। इसके अलावा पशुओं के लिए चारा, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 घंटे कंट्रोल रूम और राहत शिविर तैयार
कलेक्टर ने जिला और अनुविभाग स्तर पर 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों को भी सभी जरूरी सुविधाओं के साथ तैयार रखने को कहा गया है। राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों का पहले से सर्वे कर लिया जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की कार्ययोजना तैयार रखी जाए।
एसएसपी भोजराज ने सूचना तंत्र मजबूत करने पर दिया जोर
एसएसपी भोजराज ने आपदा की स्थिति में सूचना प्रबंधन को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना की सूचना तुरंत संबंधित विभागों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि राहत और बचाव कार्य में देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी सूचना तंत्र तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर की दोटूक: जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर कुंदन कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारी बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति में संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और बेहतर तालमेल के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल आपदा के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समय रहते तैयारी करके जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बैठक में एडीएम निष्ठा पांडेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ गोकुल राम रावटे, अपर कलेक्टर जीएल यादव, एसडीएम मुंगेली अजय शतरंज, डिप्टी कलेक्टर मायानंद चंद्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी बैठक में शामिल हुए।
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